IPL 2021: बायो-बबल कैसे टूटा, कहां हुई चूक, जानिए पूरी डिटेल्स

IPL 2021: बायो-बबल कैसे टूटा, कहां हुई चूक, जानिए पूरी डिटेल्स – एक सप्ताह पहले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मुख्य कार्यकारी ने खिलाड़ियों को “मानवता” के लिए खेलने के लिए कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वे टूर्नामेंट के बायो-बबल के दायरे में “पूरी तरह से सुरक्षित” हैं. एक हफ्ते में बायो बबल की पोल खुल गई. टूर्नामेंट को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया और बीसीसीआई को आईपीएल स्थगित होने से 2200 करोड़ रूपये का नुकसान हो सकता है. खिलाड़ियों और कर्मचारियों के बीच पॉजिटिव मामलों के बढ़ने की वजह से मंगलवार को IPL 2021 को स्थगित कर दिया गया. आखिर बायो-बबल के उल्लंघन का कारण क्या था?

ये भी पढ़ें- ICC T20 World Cup: IPL के स्थगित होने के बाद अब टी20 वर्ल्डकप पर भी छाए संकट के बादल, भारत में नहीं बल्कि यूएई में होगा टूर्नामेंट का आयोजन

आईपीएल 2020 के लिए संयुक्त अरब अमीरात में बायो बबल को रेस्ट्रेटा द्वारा प्रबंधित किया गया था, जो एक पेशेवर कंपनी है जो ट्रैकिंग उपकरणों और जैव-सुरक्षित समाधानों में पारंगत है. इस बार आईपीएल ने स्थानीय लोगों को अस्पताल के विक्रेताओं और परीक्षण प्रयोगशालाओं के हाथों में ये जिम्मेदारी छोड़ दी.

हवाई यात्रा सबसे बड़ी चिंता थी क्योंकि आईपीएल 2021 को छह शहरों में आयोजित किया जाना था. जबकि यूएई में आयोजित हुए आईपीएल 2020 में हवाई यात्रा शामिल नहीं था. आईपीएल 2021 के स्थगित होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह यही बताई जा रही है क्योंकि यात्रा करने से वायरस के प्रसार का खतरा बना रहता है.

खिलाड़ियों द्वारा पहना जाने वाला ट्रैकिंग उपकरण कई बार अच्छी स्थिति में नहीं था. वो चेन्नई की एक कंपनी से खरीदे गए जो मानकों पर खरा नहीं उतर पाई. बायो बबल के बाहर लोगों के परीक्षण और क्वारंटीन प्रोटोकॉल पर एक बड़ा सवाल था जो टूर्नामेंट चलाने के लिए आवश्यक थे. इन लोगों में ग्राउंड स्टाफ, होटल स्टाफ, ग्राउंड कैटरिंग, नेट बॉलर, डीजे और ड्राइवर शामिल हैं. कई शहरों का मतलब उन लोगों का एक बड़ा समूह है जो बदलते रहे. होटल के बाहर से खाना मंगाने की भी छूट थी जिसे बाद में रोका गया था.

ये भी पढ़ें- IPL 2021 Suspended: आईपीएल के स्थगित होने के बाद विदेशी खिलाड़ी हैं हैरान-परेशान, फ्रेंचाइजी से पूछ रहे- कैसे जाएंगे हम घर?

कोविड-19 के कारण 2020 में आईपीएल का आयोजन यूएई में जैव सुरक्षित वातावरण में किया गया था। तब केवल टूर्नामेंट से पहले संक्रमण के कुछ मामले सामने आये थे. भारत में अभी प्रतिदिन तीन लाख से अधिक माामले सामने आ रहे हैं जबकि हर दिन 3000 से अधिक लोगों की मौत हो रही है.

 

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here